हॉट आंटी के मस्त चुंचे

हॉट आंटी के मस्त चुंचे

तिन बज के अभी ऊपर 7 मिनिट हुई थी, बिना मौसी के दरवाजे के सामने की घंटी बजाते हुए मैंने अपने लंड के ऊपर हाथ फेरा. इस हॉट आंटी की चूत मारते हुए मुझे अब तो एक जमाना हो चला था. मौसी बुलाता था मैं उसे ताकि मोहल्ले में किसी को हम दोनों के ऊपर जरा भी डाउट ना होने पायें. मौसी बोल के मैं इस हॉट आंटी की चूत से एक बच्चा भी निकाल चूका हूँ. वैसे मैंने डीएनए चांज नहीं करवाई इस हॉट आंटी के बच्चे की लेकिन यह तो बिना मौसी ने ही मुझे बताया था की वो तेरे अंकल का नहीं लेकिन तेरा बीटा हैं. वैसे ख़ुशी का मौका था लेकिन मैं अपने बेटा होने की ख़ुशी में लड्डू नहीं बाँट पाया. बिना मौसी ने दरवाजा खोला और वो मुझे देख के हंस पड़ी. (मौसी की इन अदाओं ने ही तो मुझे उसकी चूत का दीवाना बनाया हुआ था.)

आंटी मुझे देख के बोली, “आओ कार्तिक, कैसे हो आज.”

हॉट आंटी के मुहं से अच्छी भाषा सुन के मुझे पता लग गया की सुधीर अंकल घर पे हैं (सुधीर अंकल इस आंटी के पति हैं). मैंने देखा और अंकल सही में सोफे के ऊपर बैठे हुए थे. मैंने फट से अपने हाथ को अपने लंड के ऊपर से हटा लिया.

“नमस्ते सुधीर अंकल कैसे हैं आप.” मैंने अंकल को नमस्ते किया.

“अरे बेटा कार्तिक मैं ठीक हूँ. तू सुना कैसे जा रही हैं तेरी इंजीनियरिंग.” अंकल मेरी और देखे बिना अपने लेपटोप में मुहं रखे हुए बोले.

“बस ठीक हैं अंकल, दो सब्जेक्ट रहते हैं और फिर फर्स्ट इयर क्लियर होंगा.” साला जब भी मुझे कोई पढाई का पूछता हैं तो लंड ठंडा और दिमाग गरम हो जाता हैं.

“तेरी आंटी तुझे बड़ा तंग करती हैं. मैंने उसे कहा की मुझे बताओ पाइप मैं ठीक कर देता हूँ तो कहती हैं की कार्तिक को फोन किया हुआ हैं वो आता ही होंगा.”

मैं समझ गया की इस हॉट आंटी ने पति को टालने के लिए और मेरा घर में घुसने का बहाना बना लिया था. पाइप लीकेज ठीक करने नहीं वैसे मैं तो पाइप में लीकेज करने आया था इस बिना मौसी के भोसड़े में.

मैं सोफे ऊए बैठा और देखा की अंकल ने शट डाउन कमांड दे दिया हैं. वो लेपटोप को बेग में भर के निकल गए, मुझे और इस चूत में आगवाली हॉट आंटी को रूम में छोड़ के. मैंने आंटी की तरफ देखा और पूछा, “बादल कहा हैं.?”

हॉट आंटी मेरे पास बैठते हुए बोली, “वो तो दूध पी के सो गया अभी.”

मैंने बिना कुछ सोचे समझे आंटी के चुंचे पकड़ लिए और कहा, “हमें भी दूध पिला दो कभी कभी आंटी जी.”

आंटी ने मेरे माथे पे एक हाथ मारा और बोली, “आज तुझे स्तन और चूत दोनों का दूध पिलाती हूँ.”

मैंने आंटी के मुहं में अपना मुहं दे दिया और तम्बाकू की गोटी को गाल के पीछे दबाते हुए आंटी को एक जोरदार चुम्मा दे दिया. आंटी ने मेरे होंठो के बिच में अपने होठ दे दिए और वो मेरे दोनों होंठो को बारी बारी चूसने लगी. एक सिरे से वो मेरे कंधे को पकड़ के अपनी तरफ खिंच भी रही थी. मैंने आंटी के दोनों स्तन को जोर से दबा दिया और उसके जोरदार चुम्मे का जवाब अपने होंठो से देने लगा. तभी मैंने महसूस किया की इस हॉट आंटी ने अब अपने हाथ मेरे लौड़े के ऊपर रख दिए हैं और वो मुझे अपनी तरफ और भी खिंच रही थी. मैंने आंटी के चुंचे मसलते हुए उसके होंठो को अपने होंठो से मसल दिया. आंटी का एक हाथ अब मेरे सिने पे आ गया और वो मेरे शर्ट के बटन को खोलने लगी. मैंने आंटी के साथ की किस को तोडा और खुद ही शर्ट उतार दी. आंटीकी साडी को हटा के मैंने अब ब्लाउज के अंदर ही उसके चुंचे दबाने चालू कर दिए. आंटी के मुहं से हलकी हलकी सिसकियाँ निकलने लगी और मैंने देखा की उसके ब्लाउज के ऊपर जहाँ निपल्स होते हैं वहाँ पे कुछ प्रवाही के लगे होने से निशान पड़े हुए थे.

मैंने आंटी से पूछा, “अरे मौसी यह किस चीज के निशान हैं?”

हॉट आंटी अपने ब्लाउज के बटन खोलते हुए बोली, “मैंने कहा ना तुझे की आज तुझे अपनी चूत और बूब्स का दूध पिलाऊंगी. उसी के निशान हैं मेरी जान.”
बिना मौसी के चुंचो का दूध पी लिया

हॉट आंटी के बोलने के अंदाज से मैं चौंक गया क्यूंकि वो सही में मुझे चूत का रस पिलाने के मुड में दिख रही थी. जैसे आंटी ने ब्लाउज को हटा के अपने ब्रा को उतारा मेरे सामने उसके लचीले बूब्स आ गए. इस हॉट आंटी की प्रेग्नंसी के बाद उसके बूब्स बहुत ढीले पड़े थे और निपल्स काफी बड़े हुए थे. मैंने आंटी के चुंचे के ऊपर वाले हिस्से में एक किस की. आंटी ने अपने दोनों चुंचे पकडे और ऊपर कर के अपने निपल्स को मेरी तरफ पॉइंट कर दिया. मैंने दोनों चुंचे आंटी के हाथ से अपने हाथ में ले लिए और उनके ऊपर किस करने लगा. आंटी ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ा और उसे सहलाने लगी. आंटी के चुंचे से सही में कुछ प्रवाही की बुँदे मेरे मुहं में आ रही थी जिन्हें मैं पिने लगा. आंटी ने मेरे ज़िप को खोल के लंड को खुली हवा का अहसास करा दिया. और मेरे चुंचे चूसने का कार्यक्रम जारी ही था.

तभी आंटी ने अपने चुंचे मेरे मुहं से निकाले और वो पेटीकोट को उतारने लगी. बिना मौसी की चूत के ऊपर आज एक भी बाल नहीं था; शायद उसने आजकल ही अपनी चूत साफ़ की थी. आंटी ने मेरे कपडे उतार के मुझे भी पूरा नंगा कर दिया. वो मेरे लंड को अपने हाथ में ले के मसलने लगी. मैंने आंटी को कहा, “आंटी चलो na बेडरूम में ही चलते हैं. यहाँ सोफे पे मजा नहीं आता हैं.”

आंटी थोडा हिचकिचाई लेकिन फिर उसने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ा और दुसरे हाथ पे कपडे पकडे. वो मी लंड से पकड़ के मुझे अपने बेडरूम में ले आई. मैं अपने आगे चल रही इस हॉट आंटी की बड़ी गांड देख के और भी उत्तेजित होने लगा था.

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